दरभंगा | जिले में पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से सशक्त और जवाबदेह बनाने की दिशा में आज एक अहम कदम उठाया गया। दिनांक 14 जनवरी 2026 को वरीय पुलिस अधीक्षक, दरभंगा द्वारा अपने कार्यालय स्थित सभाकक्ष में जिले के सभी थानों के CCTNS प्रभारी एवं CCTNS कर्मियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान SSP ने Crime and Criminal Tracking Network & Systems (CCTNS) से जुड़ी प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की और कार्य में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई के संकेत भी दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि CCTNS केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आधुनिक पुलिसिंग की रीढ़ है, जिसे हर हाल में सही और समयबद्ध तरीके से लागू करना अनिवार्य है।
वास्तविक समय में एंट्री पर जोर
SSP ने निर्देश दिया कि स्टेशन डायरी, प्राथमिकी (FIR), गिरफ्तारी मेमो एवं अन्य संबंधित दस्तावेजों की एंट्री CCTNS में वास्तविक समय (Real Time) में की जाए। किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
E-साक्ष्य ऐप का अनिवार्य उपयोग
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी कांड से जुड़े महत्वपूर्ण फोटो और वीडियो को नियमानुसार E-साक्ष्य ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए। डिजिटल साक्ष्यों की अनदेखी से मामलों की विवेचना कमजोर होती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पुराने मामलों के डिजिटलीकरण का निर्देश
SSP ने वर्ष 2020 से 2024 तक के पुराने कांडों की केस डायरी को वर्षवार CCTNS में अपलोड करने के लिए स्पष्ट समयबद्ध निर्देश दिए। इसका उद्देश्य पुराने मामलों की निगरानी, समीक्षा और न्यायिक प्रक्रिया को सुचारू बनाना है।
E-समन और SCRB पोर्टल पर समयबद्ध अपलोड
बैठक में E-समन प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह निर्देश भी दिया गया कि सभी दर्ज FIR एवं गिरफ्तारी मेमो को 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से SCRB पोर्टल पर अपलोड किया जाए। इसमें किसी भी तरह की चूक को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।
जीरो FIR और अंतरराज्यीय समन्वय
SSP ने CriMAC के माध्यम से जीरो FIR को संबंधित दूसरे राज्य में शीघ्रता से भेजने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की और इसमें आ रही तकनीकी या प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए।
आरोप पत्र और अंतिम प्रपत्र भी हों CCTNS पर अपलोड
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि आरोप पत्र एवं अंतिम प्रपत्र को अनिवार्य रूप से CCTNS में अपलोड किया जाए, ताकि केस की पूरी डिजिटल ट्रैकिंग संभव हो सके और किसी भी स्तर पर जानकारी का अभाव न रहे।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
SSP ने दो टूक शब्दों में कहा कि CCTNS से जुड़ा कार्य अब प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। किसी भी थाना या कर्मी द्वारा लापरवाही, देरी या गलत एंट्री पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई तय है।
इस समीक्षा बैठक के माध्यम से यह साफ संदेश गया है कि दरभंगा पुलिस अब पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह पुलिसिंग की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। आने वाले दिनों में इन निर्देशों के धरातल पर उतरने से न सिर्फ विवेचना की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि आम जनता को भी त्वरित और निष्पक्ष न्याय मिलने में मदद मिलेगी।